मेरठ पुलिस ने शहर के पॉश इलाकों में चल रहे स्पा सेंटरों की आड़ में संचालित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। मौके से अश्लील सामग्री भी बरामद हुई। जांच में पता चला कि इन सेंटरों की बुकिंग व्हाट्सएप और मैसेंजर के जरिए ऑनलाइन की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, अब यह अवैध धंधा सीधे गलियों से निकलकर डिजिटल माध्यमों पर शिफ्ट हो गया है। स्मार्टफोन, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और हाई-टेक वेबसाइटों के माध्यम से दलाल यह रैकेट चला रहे हैं। पुलिस इसे साइबर वेश्यावृत्ति भी कहती है।
कैसे चलता था रैकेट
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि जिन स्पा सेंटरों पर मंगलवार को छापा मारा गया, वहां बाहर मसाज पार्लर का बोर्ड लगा था, लेकिन अंदर छोटे-छोटे कैबिन बने हुए थे। ग्राहकों की बुकिंग व्हाट्सएप के जरिए होती थी और उन्हें कोड वर्ड बताकर प्रवेश दिया जाता था।
सीओ के अनुसार, व्हाट्सएप इसलिए चुना जाता है क्योंकि यह अधिकतर लोगों के पास होता है और फोटो-वीडियो भेजना आसान है। स्पा सेंटर में काम करने वाली युवतियां और संचालिकाएं ग्राहकों के नंबर पर फोटो, रेट लिस्ट और मैसेज भेजती थीं।
टेलीग्राम का इस्तेमाल भी किया जाता था क्योंकि इसमें नंबर छिपाने की सुविधा होती है। ग्राहक केवल यूजरनेम के जरिए संवाद करते थे, जिससे पुलिस के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालना मुश्किल हो जाता था।
स्पा सेंटर का स्वरूप और जांच
सभी स्पा सेंटर में रिसेप्शन बना हुआ था, जहां एक युवती बैठी रहती थी। अंदर कई अन्य युवतियां कैबिन में बैठी मिलीं। छोटे-छोटे कैबिन मसाज और सेक्स वाणिज्य के लिए बनाए गए थे, साथ ही बाथरूम भी साइड में बनाए गए थे। सीओ ने पूरे परिसर की वीडियोग्राफी कराई। संचालिकाओं के मोबाइल से मिली युवतियों की तस्वीरों की भी जांच की जा रही है।
पिछले साल भी हुआ था छापा
मंगलपांडे नगर में पिछले साल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने द सीजर फैमिली मसाज पार्लर पर छापा मारकर कार्रवाई की थी।