मुजफ्फरनगर। बहुचर्चित बंधुआ मजदूरी मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। तितावी थाना पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी रबित उर्फ रेबिट को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर मुख्य अभियुक्त अंकित बालियान के लिए मजदूरों को झांसे में लेकर फैक्ट्री तक पहुंचाने का आरोप है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर घूमकर मजदूरों को बेहतर वेतन, खाना और काम का लालच देता था। इसके बाद उन्हें तितावी क्षेत्र स्थित दोना-पत्तल फैक्ट्री में लाकर कथित रूप से बंधक बनाकर जबरन काम कराया जाता था।


22 जून को छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा

गौरतलब है कि 22 जून को ग्राम मांडी स्थित फैक्ट्री पर पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक बाल श्रमिक समेत 13 मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस समय सामने आया था कि मजदूरों को न केवल बंधक बनाया गया था, बल्कि उनके साथ मारपीट और शोषण भी किया जा रहा था। इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी अंकित बालियान सहित अन्य फरार हैं।

ढिंढावली मार्ग से हुई गिरफ्तारी

थाना तितावी पुलिस ने रविवार को मिली सूचना के आधार पर ढिंढावली मार्ग स्थित पुलिया के पास से रबित उर्फ रेबिट (39), निवासी ग्राम मांडी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अंकित बालियान के इशारे पर विभिन्न राज्यों के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से मजदूरों को लाकर फैक्ट्री तक पहुंचाता था और इसके बदले उसे पैसे मिलते थे।


कई राज्यों से लाए गए मजदूर

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने कुछ समय पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन से राजस्थान के एक मजदूर और अंबाला रेलवे स्टेशन से दो मजदूरों को झांसे में लेकर फैक्ट्री पहुंचाया था। इन्हें भी वहां कथित रूप से बंधक बनाकर काम कराया गया।

पुलिस ने आरोपी को न्यायिक कार्रवाई के लिए भेजते हुए फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।