मुजफ्फरनगर। जिले में इन दिनों चल रही तेज ठंड और शीतलहर ने रविवार को आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। सुबह-सुबह ही लोगों को घरों में ही दुबककर रहना पड़ा। बच्चों, बुजुर्गों और आम आदमी सभी ने बाहर निकलने से परहेज किया। मौसम विभाग के अनुसार तापमान गिरकर 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सुबह को हल्की धूप निकली, लेकिन कुछ ही समय में आसमान में घिरे बादलों ने सूरज को ढक लिया और ठंड और बढ़ गई। तेज शीतलहर के कारण लोग हीटर और गर्म कपड़ों के सहारे घरों में ही समय बिताने को मजबूर रहे। महिलाओं और बच्चों को अपने रोजमर्रा के कामकाज में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बिजली कटौती ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई। व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। रविवार को तापमान अधिकतम 12.8 और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इस सर्दी के मौसम में यह दूसरी बार है जब तापमान इतनी कम दर्ज किया गया है। इससे पहले 5 और 6 दिसंबर को क्रमशः 5.4 और 5.8 डिग्री सेल्सियस का तापमान रिकॉर्ड किया गया था।

मजदूर वर्ग इस ठंड में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। हाथ-पांव जमने और शरीर का तापमान बनाए रखने में परेशानी होने के कारण उन्हें आग के पास गर्म होने की जरूरत पड़ रही है।

ठंड से बचाव के लिए सावधानियां
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सलाह दी है कि शीतलहर के दौरान बाहर कम से कम निकलें और गर्म कपड़े पहनें। ढीले फिटिंग वाले ऊनी कपड़े कई परत में पहनना बेहतर है। दस्ताने, टोपी और मफलर का इस्तेमाल जरूरी है। शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए गर्म तरल पदार्थ और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियां खाएं। लंबे समय तक ठंड में रहने से बचें और शराब का सेवन न करें।

पशुओं का भी रखें ध्यान
शीतलहर के समय पशुओं और मवेशियों को पर्याप्त भोजन दें। रात के समय उनके आवास को पूरी तरह ढककर रखें ताकि ठंडी हवाओं से उनका बचाव हो।