लखनऊ। प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान, विचारक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के पूर्व सदस्य मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी का सोमवार को लखनऊ में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से देश-विदेश के धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक समुदायों में गहरा शोक व्याप्त है।
धार्मिक गुरुओं और विद्वानों ने उनके निधन को बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उनके जाने से इस्लामी विचारधारा और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली एक महत्वपूर्ण आवाज शांत हो गई है।

मुजफ्फरनगर से रहा है संबंध
मौलाना सलमान हुसैनी नदवी का जन्म वर्ष 1954 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक सैयद परिवार में हुआ था। वे प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान हजरत मौलाना सैयद मोहम्मद ताहिर हुसैनी के पुत्र और डॉ. सैयद अब्दुल अली हसनी के नाती थे। उनके पारिवारिक वातावरण में धार्मिक और वैचारिक परंपरा ने उनके व्यक्तित्व को गहराई प्रदान की।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा दारुल उलूम नदवतुल उलेमा, लखनऊ से प्राप्त की और हदीस में फजीलत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सऊदी अरब के रियाद स्थित जामिया इमाम मोहम्मद बिन सऊद इस्लामिया से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

लंबे समय तक शिक्षण और शोध से जुड़े रहे
रियाद में रहते हुए उन्होंने प्रसिद्ध हदीस विद्वान अल्लामा शेख अब्दुल फतह अबू गुद्दा के मार्गदर्शन में शोध कार्य किया। बाद में भारत लौटकर वे दारुल उलूम नदवा से लंबे समय तक शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े रहे और छात्रों को शिक्षा प्रदान करते रहे।