मुजफ्फरनगर। भोपा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गिरोह में शामिल दो आरोपी छात्र हैं। इनमें एक मेरठ के सदर आईटीआई में पढ़ाई के साथ बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है, जबकि दूसरा बीए का छात्र बताया गया है। तीसरा आरोपी एक पेपर मिल में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है। ये सभी पढ़ाई और नौकरी की आड़ में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का धंधा चला रहे थे।

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत भोपा पुलिस ने ककराला रजवाहे की पुलिया के पास चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार तीन युवकों को गिरफ्तार किया।


तलाशी के दौरान उनके पास से 10 अवैध तमंचे, 15 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित पुत्र राजेंद्र, निखिल मलिक पुत्र रामबीर और विकास भाटी पुत्र प्रदीप भाटी, निवासी मेरठ के रूप में हुई है।

सीओ भोपा लक्ष्मण वर्मा ने जानकारी दी कि आरोपी रोहित का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले जेल जा चुका है। जबकि निखिल और विकास पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जिनके रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।


पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अवैध तमंचे करीब 5 से 5.5 हजार रुपये में खरीदते थे और उन्हें 7 हजार रुपये तक में बेचकर मुनाफा कमाते थे। बुधवार रात भी वे हथियारों की एक खेप पहुंचाने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।