मुजफ्फरनगर के लिसाढ़ गांव में सोमवार को गठवाला खाप की पंचायत आयोजित की गई, जिसमें संगठन की एकता और सामाजिक विकास के मसलों पर जोर दिया गया। पंचायत में नौ सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए और संगठन के सदस्यों को खाप की मर्यादा और नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता हरियाणा से आए बाबा बलजीत सिंह ने की। उन्होंने कहा कि खाप की एकता सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्तिगत स्वार्थ या राजनीतिक रंजिश को खाप से ऊपर नहीं रखा जाएगा। पंचायत में सामाजिक और नैतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दहेज प्रथा, नशाखोरी और बेटियों से भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ खाप का विरोध किया जाएगा।
गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने कहा कि संगठन की ताकत एकता में है और भविष्य में किसी भी प्रकार की विघटनकारी गतिविधि पर एक समिति कार्रवाई करेगी। उन्होंने गरीब कन्याओं, बीमार व्यक्तियों और खिलाड़ियों की मदद करने का भी आश्वासन दिया।
पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि खाप की मासिक बैठक हर महीने 15 तारीख को लिसाढ़ में आयोजित होगी। इसके अलावा खाप क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, उच्च शिक्षा संस्थान और किसानों की समस्याओं पर काम करेगी।
पंचायत के दौरान कुछ गुटों में विवाद भी देखने को मिला। टिकैत गुट के कुछ सदस्य मंच पर बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर हंगामा करने लगे, जिसे बाबा राजेंद्र और अन्य नेताओं ने शांत कराया। आयोजन में सभी वक्ताओं की अनुमति सीमित रखी गई और निर्णय लिया गया कि केवल चयनित नेता ही मंच से बोलेंगे।
इस पंचायत में भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, रविंद्र बुलंदशहर, श्याम सिंह बहावडी, राजेंद्र मलिक गोयला, अशोक कुमार प्रधान सहित कई अन्य वरिष्ठ खाप नेता और सदस्य मौजूद रहे।
पास हुए प्रमुख प्रस्ताव:
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खाप की एकता सर्वोपरि होगी; आंतरिक मतभेद संवाद के माध्यम से सुलझाए जाएंगे।
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खाप के नाम पर भ्रामक या विरोधी बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ समिति कार्रवाई करेगी।
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युवाओं को खाप और सामाजिक बैठकों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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विवाद समाधान समिति बनाई जाएगी, जिसमें वरिष्ठ, महिलाएं और युवा शामिल होंगे।
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दहेज, नशाखोरी और बेटियों के साथ भेदभाव जैसी कुरीतियों का विरोध किया जाएगा।
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सार्वजनिक वक्तव्य, पोस्ट या वीडियो खाप की मर्यादा के अनुरूप होंगे।
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खाप की नियमित बैठकें मासिक आधार पर होंगी।
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आर्थिक और सामाजिक मदद के लिए समिति का गठन किया जाएगा।
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क्षेत्र में कृषि, शिक्षा और किसानों के मुद्दों पर काम किया जाएगा।
पंचायत में संगठन की ताकत और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।