मुजफ्फरनगर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ ताजिया कमेटियों के प्रतिनिधि, धर्मगुरु और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि मोहर्रम की तैयारियों को समय रहते शुरू कर दिया गया है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जुलूस मार्गों पर सड़क व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं और आयोजकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरे हों।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने मुजफ्फरनगर को संवेदनशील जनपदों में शामिल करते हुए बताया कि त्योहार को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया जा रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान किसी भी नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी आयोजन पहले से निर्धारित परंपराओं व प्रशासनिक रजिस्टर में दर्ज व्यवस्थाओं के अनुसार ही होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ताजिया, आलम, डीजे और जुलूस से जुड़े सभी पहलुओं पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की भड़काऊ, आपत्तिजनक या समाज में तनाव फैलाने वाली पोस्ट पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एआई से तैयार किए गए फर्जी या विवादित कंटेंट पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी समुदायों से शांति, भाईचारा और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की तथा अफवाहों से दूर रहने को कहा।