मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पंचायत सहायक ने कथित तौर पर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद सिविल डिफेंस के जवान की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया।
ग्राम निरमानी निवासी सचिन कुमार, जो ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि 8 जून को ग्राम सचिवालय में काम के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई, प्रिंटर और अन्य सामान तोड़ दिया गया तथा सरकारी दस्तावेज भी फाड़कर ले जाए गए।

सचिन के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि आरोपियों को पकड़ने के बाद भी छोड़ दिया गया, जिसके बाद वे खुलेआम घूमकर उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
गुरुवार को सचिन अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के पास उन्होंने कथित रूप से खुद पर डीजल छिड़क लिया। इसी दौरान वहां चल रही फायर विभाग की मॉक ड्रिल के चलते स्थिति तुरंत नियंत्रण में आ गई। जैसे ही उन्होंने आग लगाने का प्रयास किया, सिविल डिफेंस के एक जवान ने दौड़कर उन्हें पकड़ लिया और लाइटर छीन लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान और कचहरी चौकी प्रभारी प्रशांत गिरी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल सचिन को काबू में लेकर पानी से डीजल साफ कराया और बाद में उन्हें थाने ले जाया गया।
इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि पंचायत सहायक ने पुलिस पर लापरवाही और न्याय न मिलने के गंभीर आरोप दोहराए हैं।