मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण और बागपत के बड़ौत में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को बातचीत और समझदारी के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि आंदोलन या टकराव के रास्ते से।
आयुष मलिक मामले पर बोलते हुए टिकैत ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक संवाद से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि परिवार और समाज के लोग मिलकर किसी भी युवक को समझाकर वापस सामाजिक वातावरण से जोड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के लिए धर्म परिवर्तन अनिवार्य नहीं है और अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने धर्म का पालन करते हुए भी वैवाहिक जीवन जी सकते हैं।

टिकैत ने आगे कहा कि यदि विवाह करना था तो दोनों पक्ष अपने-अपने धर्म के साथ भी शादी कर सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं आयुष मलिक से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास करेंगे।
स्वामी यशवीर महाराज द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन की बजाय युवाओं को उनके धर्म और संस्कृति की सकारात्मक बातों से अवगत कराना अधिक प्रभावी तरीका है। उन्होंने जोर दिया कि संविधान हर नागरिक को अधिकार देता है, इसलिए ऐसे मामलों में टकराव के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बड़ौत दोहरे हत्याकांड पर प्रतिक्रिया
बागपत के बड़ौत में व्यापारी और उनके पुत्र की हत्या तथा बाद में एक आरोपी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना पर टिकैत ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश स्वाभाविक है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में हुई पंचायत का उद्देश्य किसी आरोपी को बचाना नहीं था, बल्कि निर्दोष लोगों को गलत तरीके से फंसाए जाने से बचाना था। टिकैत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों को भी मामले में शामिल किया है जिनका घटना से कोई संबंध नहीं है।