मुजफ्फरनगर। नगर पालिका प्रशासन शहरी क्षेत्र की पॉश कालोनियों और सोसाइटियों में कर निर्धारण की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत नगर पालिका विभिन्न सोसाइटियों का सर्वे करेगी और कैम्प लगाकर स्थानीय लोगों को कर संबंधित जानकारी प्रदान करेगी। इस प्रक्रिया से नगर पालिका के राजस्व में करोड़ों रुपए की वृद्धि होने का अनुमान है।
नगर पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के नेतृत्व में हाल ही में प्रभारी टीएस पारूल यादव और विभागीय टीम ने फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के हॉल में उद्यमियों के साथ कैम्प आयोजित किया। इस दौरान ईओ ने उद्यमियों को कर निर्धारण के फॉर्म वितरित किए और उनसे आवश्यक जानकारी मांगी। सभी उद्यमियों ने कर भुगतान में सहमति जताई, हालांकि उन्होंने 2023-24 से टैक्स लागू न करने और इसे 2025-26 से शुरू करने का अनुरोध किया।
नगर पालिका के सर्वे के अनुसार, नवविस्तारित क्षेत्र में शामिल 11 गांवों में करीब 57 उद्योग टैक्स के दायरे में आए हैं। इनमें से 35 उद्योगों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। उद्योगों ने यह भी अनुरोध किया कि उनके द्वारा जमा किए जाने वाले कुल कर का 80 प्रतिशत इंडस्ट्रियल एरिया के विकास पर खर्च किया जाए। डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि इस प्रस्ताव को नगर पालिका बोर्ड में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
नगर पालिका ने अन्य विस्तार क्षेत्रों में भी कैम्प लगाने का निर्णय लिया है। जल्द ही एटूजेड, वसुंधरा और अन्य सोसाइटियों में कर निर्धारण के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।