मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी की मासिक संगठनात्मक बैठक जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, जनसरोकार से जुड़े मुद्दों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, नौकरियों की स्थिति और आरक्षण नीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों से युवा वर्ग का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों, मजदूरों और महिलाओं में सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाजवादी पार्टी की नीतियों और जनहित के मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाएं। साथ ही उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनाने के लक्ष्य के लिए पूरी मजबूती से जुटने का आह्वान किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश भी कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया।

इस अवसर पर समाजवादी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल, जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन और सपा नेत्री डॉ. मोनिका सिंह ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी की भूमिका को अहम बताया और पीडीए आंदोलन को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया।


बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें खतौली विधानसभा अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा के साले, सपा नेता रामपाल सिंह पाल के बहनोई और नेता अनेश निर्वाल के ताऊ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया।

सभी उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। बैठक में श्यामलाल बच्ची सैनी, जसवीर वाल्मीकि, तहसीन मंसूरी, सादिक चौहान, राशिद मलिक, पूजा अनिल अंबेडकर, लोकेंद्र सिमरथी, अतहर हसन खान, चौधरी ओमपाल सिंह, डॉ. मोनिका सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।