पश्चिम बंगाल के भांगड़ बम विस्फोट मामले में वांछित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को एनआईए की विशेष अदालत ने 14 दिन की हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले एनआईए ने उन्हें शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना है कि वह इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं।
शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां एनआईए ने उनकी हिरासत की मांग करते हुए दलील दी कि मोल्ला एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति हैं और जमानत मिलने की स्थिति में जांच को प्रभावित कर सकते हैं, सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों पर दबाव की आशंका है। अदालत ने तर्कों को स्वीकार करते हुए उन्हें एनआईए कस्टडी में भेज दिया।
हालांकि, उनके परिवार की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने आत्मसमर्पण किया था, न कि उन्हें गिरफ्तार किया गया।
यह मामला 19 मार्च को विधानसभा चुनाव से पहले उस समय सामने आया था, जब भांगड़ क्षेत्र में देसी बम बनाने के दौरान विस्फोट हुआ था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ और छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि शौकत मोल्ला कथित तौर पर इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड थे। आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों को बम बनाने और घटनास्थल से जुड़े सबूतों को बदलने के निर्देश दिए थे।
इस मामले में एक अन्य आरोपी सैन्नूर मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद शौकत मोल्ला को पकड़ा गया। बताया गया है कि सैन्नूर मोल्ला ने घटना के बाद घायलों और मृतक को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी। इस केस में एक एम्बुलेंस चालक पहले से न्यायिक हिरासत में है।
एनआईए इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें और लोग भी शामिल हैं।