तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला, जब अन्नाद्रमुक (AIADMK) के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ दल ‘तमिलगा वेत्री कजगम’ (TVK) का हाथ थाम लिया। इस घटनाक्रम को हाल के वर्षों में विपक्षी पार्टी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

चेन्नई के पनायुर स्थित टीवीके मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चार पूर्व मंत्रियों समेत 300 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर पार्टी नेतृत्व ने नए सदस्यों का स्वागत किया।

पार्टी बदलने वालों में पूर्व मंत्री उदुमलाई के. राधाकृष्णन, एम.सी. संपत, कदंबूर सी. राजू और एन.आर. शिवपति प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन नेताओं ने कहा कि अन्नाद्रमुक में मौजूदा हालात और संगठनात्मक अस्थिरता के कारण वे जनता के बीच प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया।

उदुमलाई के. राधाकृष्णन ने कहा कि जयललिता के निधन के बाद पार्टी की दिशा और अनुशासन कमजोर पड़ा है। उनके अनुसार, उन्हें टीवीके में जाकर एक नया राजनीतिक वातावरण और नेतृत्व की स्पष्टता महसूस हुई है, जो जनता की सेवा के लिए अधिक उपयुक्त है।

कार्यक्रम में मौजूद टीवीके नेताओं ने कहा कि नए शामिल हुए नेताओं को संगठन में उचित जिम्मेदारी और सम्मान दिया जाएगा। इस बड़े पैमाने पर हुए दलबदल से राज्य की विपक्षी राजनीति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।