मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी में संचालित एक दोने-पत्तल फैक्ट्री में पुलिस की छापेमारी के बाद कथित मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े आरोपों की जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने फैक्ट्री से 13 मजदूरों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है, जबकि कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि फैक्ट्री में बाहरी राज्यों से लाए गए कुछ लोगों से उनकी इच्छा के विरुद्ध काम कराया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में सोमवार शाम पुलिस टीम ने फैक्ट्री पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के अंदर मौजूद 13 मजदूरों को बाहर निकालकर उनके बयान दर्ज किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये लोग पिछले कई महीनों से यहां दोने-पत्तल बनाने का काम कर रहे थे। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि मजदूरों को यहां किस माध्यम से लाया गया था और क्या उन्हें किसी तरह के दबाव या बंधन में रखकर काम कराया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा श्रम विभाग और अन्य संबंधित विभागों से भी जानकारी मांगी गई है, ताकि मजदूरों की स्थिति और फैक्ट्री के संचालन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी या किसी अन्य अपराध की श्रेणी में आता है या नहीं।
सीओ फुगाना ने बताया कि मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।