हरिद्वार। हरिपुर कला स्थित हरि सेवा आश्रम में आयोजित संत सम्मेलन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की परंपराओं और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति “अतिथि देवो भव” की भावना पर आधारित है और राज्य में आने वाले हर व्यक्ति का सम्मान किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी आगंतुक को असुविधा न हो, हालांकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत का जिक्र

सीएम धामी ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में बताया कि हाल ही में उनकी पंजाब के मुख्यमंत्री से सकारात्मक और सार्थक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को यह भरोसा दिलाया गया है कि राज्य में सभी कार्रवाई निष्पक्ष और नियमों के अनुसार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करता है और सभी को अपने भीतर समाहित करता है।

धार्मिक स्थलों और परंपराओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता और रीठा साहिब जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो सिख परंपरा और आस्था से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थलों का सम्मान सदियों से होता आया है और आगे भी होता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुछ तत्व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग बिना मुद्दों के अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों से सख्ती से निपटेगी।

उन्होंने कहा कि संत समाज सरकार के कार्यों से संतुष्ट है, जो इस बात का संकेत है कि राज्य में विकास और शांति का माहौल कायम है।