मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज बारिश के बाद पानी से भरे खुले नाले में गिरने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। करीब पांच घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद बच्ची का शव नाले से बरामद किया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों ने खुले नाले को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।


जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले शिवा की तीन वर्षीय बेटी प्रियांशी सोमवार सुबह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह खेलते-खेलते झुग्गियों के पास बने खुले नाले के नजदीक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण नाला पूरी तरह पानी से भरा हुआ था और अचानक उसका संतुलन बिगड़ने से वह उसमें गिर गई।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। काफी देर तक बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों को आशंका हुई कि बच्ची कहीं नाले में तो नहीं गिर गई है।

आशंका के आधार पर स्थानीय लोगों की मदद से नाले में तलाश अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शाम करीब चार बजे बच्ची का शव नाले से बरामद हुआ। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया।


सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है। कई बार इसकी वजह से हादसे की आशंका जताई गई, लेकिन न तो नाले को ढकने की व्यवस्था की गई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

चौकी प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची सुबह करीब 11 बजे नाले में गिर गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।