लखनऊ। महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर आयोजित यूपी विधानमंडल के एकदिवसीय विशेष सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, खासकर सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन की शुरुआत में ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए विपक्ष को घेरा।

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब जनधन योजना के तहत महिलाओं के खाते खोले गए थे, तब कुछ नेताओं ने इसका मजाक उड़ाया था और 15 लाख रुपये जैसे बयानों से इसे खारिज करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इन्हीं खातों के जरिए महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई, जिससे करोड़ों परिवारों को राहत मिली।

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देशभर में करोड़ों शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिसे उन्होंने “नारी सम्मान का प्रतीक” बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है और बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।

विपक्ष पर तीखे आरोप

योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध किया है और उनके प्रयासों में बाधा डाली है। उन्होंने कहा कि इन दलों का व्यवहार दोहरा रहा है और जनता अब इनके कामकाज को अच्छी तरह समझ चुकी है।

उन्होंने स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा कार्यकर्ता आगे आए थे। साथ ही उन्होंने शाहबानो मामले और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए।

कानून-व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का जिक्र

सीएम योगी ने दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इसका असर यूपी की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है, जो तेजी से आगे बढ़ रही है।

विपक्ष से माफी की मांग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सपा और कांग्रेस वास्तव में महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, तो उन्हें अपने पुराने बयानों और व्यवहार पर आत्ममंथन करते हुए जनता से माफी मांगनी चाहिए।