समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 22 भर्तियों में 11,500 से अधिक आरक्षित पदों के साथ कथित रूप से अनियमितता हुई है।

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने इस पूरे मुद्दे को “पीडीए ऑडिट अंक-1” नाम दिया और कहा कि इसे जल्द ही गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि किस तरह संविधान में दिए गए अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि इस भर्ती में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को अपेक्षित आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिला, जिससे हजारों पद प्रभावित हुए।

अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि कई अन्य भर्तियों जैसे वन विभाग, ग्राम पंचायत, लेखपाल, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सेवाओं में भी आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी इस मामले में अनियमितताओं की बात कर चुका है।

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने का काम करेगी। साथ ही जातीय जनगणना कराने की बात भी दोहराई।

उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि समाज में समानता और न्याय की भावना कमजोर की जा रही है। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।