सैफई स्थित उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूपीयूएमएस) में जल्द ही नए सरकारी डेंटल कॉलेज की शुरुआत होने जा रही है। यह कॉलेज प्रदेश में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बाद दूसरा सरकारी डेंटल कॉलेज होगा, जहां बीडीएस पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इसी शैक्षणिक सत्र से 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

भविष्य में कॉलेज की सीटों को बढ़ाकर 100 तक करने की योजना बनाई गई है। नए डेंटल कॉलेज के शुरू होने से इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया और आसपास के जिलों के मरीजों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को भी डेंटल साइंस की बेहतर ट्रेनिंग उपलब्ध हो सकेगी।

नौ विषयों में शुरू होगी एमडीएस की पढ़ाई

फिलहाल यूपीयूएमएस में केवल पीरियोडोंटोलॉजी विषय में एमडीएस कोर्स संचालित किया जाता है। लेकिन डेंटल कॉलेज बनने के बाद नौ अलग-अलग विषयों में एमडीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे प्रदेश में डेंटल शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को मजबूती मिलेगी।

डीसीआई मानकों के अनुसार होगा संचालन

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार ने बताया कि डेंटल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। कॉलेज का संचालन डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। शुरुआत में 50 सीटों के साथ कोर्स शुरू होगा, जिसे आगे चलकर दोगुना किया जाएगा।

उन्होंने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak और अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष का आभार व्यक्त किया।

छात्रों को मिलेगा बड़ा विकल्प

वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन केवल King George's Medical University में ही सरकारी स्तर पर बीडीएस की पढ़ाई उपलब्ध है। इसके अलावा Banaras Hindu University और Aligarh Muslim University में केंद्रीय संस्थान के रूप में डेंटल कोर्स संचालित होते हैं। ऐसे में अधिकांश छात्रों को निजी डेंटल कॉलेजों पर निर्भर रहना पड़ता है। सैफई में नया कॉलेज शुरू होने से सरकारी स्तर पर डेंटल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।