मुजफ्फरनगर में पति के घर के बाहर कई दिनों से धरना दे रही विवाहिता शिल्पा, उसके भाई हिमांशु और भाभी आरिया को पुलिस ने शांति भंग की आशंका के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। बुधवार को हुई इस कार्रवाई के बाद कोर्ट परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

जानकारी के अनुसार, तीनों को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। इसी दौरान परिजन, ग्रामीण और समाजवादी पार्टी की नेत्री मोनिका, सुनीता मलिक तथा छात्र नेता विशु समेत कई लोग पुलिस कार्रवाई के विरोध में कचहरी परिसर में एकत्र हो गए और प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान नई मंडी कोतवाली प्रभारी अनंत देव मिश्रा और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

विवाहिता शिल्पा पिछले कई दिनों से अपने पति अमित के एटूजेड कॉलोनी स्थित आवास के बाहर धरने पर बैठी थी और न्याय की मांग कर रही थी। बताया जा रहा है कि उसने धरने के दौरान भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। बुधवार को पेशी के दौरान वह कोर्ट परिसर के बाहर अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।


परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित पक्ष की बात सुने बिना कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि लगातार बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।

सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर द्वारा तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद मामला और गरमा गया। बाद में तीनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया, जिसके बाद कचहरी परिसर में देर तक तनाव का माहौल बना रहा।