बरेली में पिछले वर्ष 26 सितंबर को हुए हिंसक घटनाक्रम में अवैध हथियार सप्लाई करने के मुख्य आरोपी गफ्फार खां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बहेड़ी थाना पुलिस ने उसे उत्तराखंड के किच्छा क्षेत्र से दबोचा, जहां वह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, बरेली बवाल से जुड़े अवैध असलहा नेटवर्क की जांच में कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि गफ्फार खां लगातार पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। वह उत्तराखंड के दरऊ गांव का निवासी है और गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर अपने राजनीतिक संपर्कों का सहारा भी ले रहा था। जब प्रयास सफल नहीं हुए तो उसने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।

एसएसपी के निर्देश पर उसकी तलाश तेज की गई और उत्तराखंड में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिसके बाद पुलिस को सफलता मिली।

हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया था कि 19 फरवरी की शाम शेरगढ़ तिराहा पर एक कार की घेराबंदी कर तलाशी ली गई थी। उस दौरान बड़ी मात्रा में पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए थे। मौके से जोखनपुर निवासी तस्लीम और बरीपुरा निवासी सोमू खान उर्फ औशाफ को गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया था कि बरामद हथियारों की सप्लाई गफ्फार खां और उसके साथी समी खां द्वारा की जानी थी। जांच में यह भी सामने आया कि बरेली बवाल में इस्तेमाल हुए हथियार इसी नेटवर्क से जुड़े थे।

गिरफ्तारी और पूछताछ

पुलिस टीम ने किच्छा–रुद्रपुर मार्ग पर स्थित प्रधान मार्केट के पास सुबह करीब 8 बजे गफ्फार खां को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही क्षेत्र में हलचल मच गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध असलहा कारोबार में शामिल होने की बात स्वीकार की।

मेडिकल परीक्षण के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आपराधिक इतिहास

बहेड़ी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गफ्फार खां के खिलाफ किच्छा, पुलभट्टा और शीशगढ़ थानों में कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।