छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के “नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़” के दावे पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने इस बयान को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि गृह मंत्री को इसके लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य की स्थिति को लेकर गलत आंकड़े और तथ्य प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे और कोंडागांव जैसे इलाकों को नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त किया गया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान आदिवासी समुदायों को भूमि पट्टे दिए गए और चावल सहित कई जनकल्याणकारी योजनाएं लगातार लागू रहीं। बघेल ने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, तो अब तक कितने ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये दिए गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब सुरक्षा बलों के कैंप हटाए जाएंगे और नेताओं तथा अधिकारियों की सुरक्षा में कटौती होगी, तभी माना जाएगा कि छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गया है।
उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता को भ्रमित करने की कोशिश पहले भी असफल रही है और आगे भी सफल नहीं होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली से बाहरी प्रभाव की बात कही जाती है, जबकि वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
भूपेश बघेल ने राज्य के मंत्री अरुण साव पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता और वे भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को बचाने का काम करते हैं।