प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रयागराज पहुंचे। आगमन के तुरंत बाद उन्होंने संगम नोज पर संतों की उपस्थिति में विधि-विधान से गंगा पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने संगम में स्नान और ध्यान कर माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व—मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या—के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना की।

गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री मोटर बोट से वीआईपी घाट पहुंचे, जहां से उन्होंने बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात वह खाकचौक व्यवस्था समिति के महामंत्री जगद्गुरु संतोषाचार्य के शिविर पहुंचे, जहां जगद्गुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह में शामिल हुए और संत समाज के साथ विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम लगभग छह घंटे का रहा। इस दौरान वह खाकचौक स्थित सतुआ बाबा आश्रम के शिविर में आयोजित जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में भी सम्मिलित हुए। दोपहर करीब 2:05 बजे मुख्यमंत्री ने आईसीसीसी सभागार में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों से संवाद किया। शाम करीब चार बजे वह डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। कार्यक्रम समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री प्रयागराज से रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।