उत्तराखंड के रामनगर जिले में एक स्टोन क्रशर से बजरफुट लादकर घर लौट रहे ट्रक के केबिन में दम घुटने से संभल जिले के गांव चंदवार की मढ़ैया निवासी इरफान (30) और इकरार (35) की रविवार को मौत हो गई। घटना रविवार दोपहर करीब 1 बजे उस समय सामने आई, जब ट्रक में कोई हरकत नहीं देखी गई और परिचितों ने जाकर देखा।

दोनों को तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, इरफान और इकरार ट्रक चालक थे और उनके मालिक इरशाद के ट्रक से शनिवार दोपहर को बजरफुट लेने वे रामनगर गए थे। तकनीकी कारणों से रात तक क्रशर में लोडिंग पूरी नहीं हो पाई, जिसके बाद रविवार की सुबह ट्रक में बजरफुट भरने के बाद वे संभल के लिए रवाना हुए।

परिवार ने बताया कि चालक ने सर्दी से बचने के लिए केबिन के दरवाजे और शीशे बंद कर पेट्रो मैक्स जलाई और सो गए। रविवार दोपहर तक कोई हलचल न होने पर लोग पहुंचे और आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर केबिन का शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया।

दोनों की अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इकरार के परिजन रामनगर पहुंच गए हैं और शव लेकर देर रात अपने गांव लौटेंगे, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

मृतकों के परिवार की स्थिति दयनीय है। इकरार के पीछे तीन बेटियां और एक बेटा हैं, जबकि इरफान की तीन छोटी बेटियां अनाथ हो गई हैं। दोनों की पत्नियां गहरे सदमे में हैं। परिजनों ने बताया कि दोनों अपनी मेहनत और मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।