मेरठ के सकोती गांव में आयोजित महाराजा सूरजमल की प्रतिमा अनावरण समारोह में वेस्ट यूपी के जाट समाज के लोगों की भारी उपस्थिति रही। समाज ने इस मौके पर एकजुटता दिखाते हुए अपने पूर्वजों की वीरता और योगदान को याद किया। हालांकि, समारोह का माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रतिमा के फाउंडेशन वॉल से ‘जाट’ शब्द हटाए जाने की खबर आई। यह विवाद समारोह में शामिल नेताओं और जनता के बीच गर्म चर्चा का विषय बन गया।

समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और राजस्थान के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत यूपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।

भगवंत मान ने पीएम मोदी और बीजेपी पर साधा निशाना

मुख्य अतिथि पंजाब सीएम भगवंत मान ने अपने भाषण में मोदी सरकार और भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, जबकि विदेशी देश मंगल ग्रह पर कॉलोनी बनाने की बातें कर रहे हैं। मान ने आरोप लगाया कि बच्चों को जानबूझकर शिक्षा से दूर रखा जा रहा है ताकि वे आगे जाकर गरीबी दूर न कर सकें। उन्होंने कहा, “भगत सिंह की मिट्टी से आया हूं, यह भूमि मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद जैसी वीरता की धरती है। हमारे बच्चों को सही मार्ग नहीं दिया गया।”

हनुमान बेनीवाल ने उठाया ‘जाट’ शब्द हटाने का मुद्दा

राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच से शिलालेख से ‘जाट’ शब्द हटाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह समाज की पहचान और सम्मान से जुड़ा विषय है और इसे तत्काल वापस जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं किया, तो राज्य स्तर पर भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।

संजीव बालियान ने भी किया बयान

पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुजफ्फरनगर से पूर्व सांसद संजीव बालियान ने भी मंच से लोगों से अपील की कि आगामी चुनावों में इस मुद्दे का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनता को अब सच्चाई का एहसास हो गया है और आने वाले चुनावों में उसका असर दिखेगा।

जाट समाज ने दिए 15 दिन का अल्टीमेटम

समाज ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के अध्यक्ष मनु चौधरी ने कहा कि अगर निर्धारित समय के भीतर ‘जाट’ शब्द वापस नहीं लिखा गया, तो वे 16वें दिन उसी स्थान पर पंचायत कर रणनीति तय करेंगे।

प्रतिमा का अनावरण विवाद में फंसा

भगवंत मान प्रतिमा का अनावरण करने आए थे, लेकिन समारोह स्थल पर भारी भीड़ के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाए। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने प्रतिमा का अनावरण किया।

समारोह और विवाद ने इस क्षेत्र की राजनीति में नया पन्ना जोड़ दिया है। जाट समाज का दावा है कि प्रतिमा के नीचे ‘जाट’ शब्द रात को लगाया गया था, लेकिन सुबह तक गायब हो गया। प्रशासन का कहना है कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार जातिसूचक शब्द नहीं लिखा जा सकता।