'यह चौधरी चरण सिंह का अपमान है', प्रेरणा स्थल की बदहाली पर भड़के विधायक पंकज मलिक

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर: चरथावल विधायक पंकज मलिक ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के प्रेरणा स्थल की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन और नगर पालिका पर कड़ा रुख अपनाया है।
- गुरुवार करीब 12 बजे उन्होंने टाउन स्थित प्रेरणा स्थल का निरीक्षण किया, जहां फैली गंदगी, कूड़े के ढेर, शराब की खाली बोतलें और खुले बिजली के तार देखकर उन्होंने गहरी नाराज़गी जताई।
- विधायक ने कहा कि यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं, बल्कि देश के एक महान किसान नेता की स्मृति का अपमान है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि जिस परिसर में चौध…
मुजफ्फरनगर: चरथावल विधायक पंकज मलिक ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के प्रेरणा स्थल की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन और नगर पालिका पर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार करीब 12 बजे उन्होंने टाउन स्थित प्रेरणा स्थल का निरीक्षण किया, जहां फैली गंदगी, कूड़े के ढेर, शराब की खाली बोतलें और खुले बिजली के तार देखकर उन्होंने गहरी नाराज़गी जताई।
विधायक ने कहा कि यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं, बल्कि देश के एक महान किसान नेता की स्मृति का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थापित है, उसी स्थान पर नगर पालिका द्वारा कचरा डलवाया जा रहा है, जो बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार स्मारक परिसर में फैली अव्यवस्था यह दर्शाती है कि लंबे समय से इसकी उचित देखभाल नहीं की गई।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब शहर के अन्य प्रेरणा स्थलों का नियमित रखरखाव संभव है, तो चौधरी चरण सिंह से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल की लगातार अनदेखी क्यों की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने खुले बिजली के तारों और जर्जर संरचना को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और पूरे परिसर के पुनर्निर्माण की मांग की।

पंकज मलिक ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से यह जवाब भी लिया जाएगा कि इतने महत्वपूर्ण स्मारक को इस हालत में क्यों छोड़ा गया।
विधायक ने दोहराया कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि करोड़ों किसानों की आवाज थे। ऐसे महापुरुष की स्मृति स्थल की गरिमा बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रेरणा स्थल के तत्काल सुधार की मांग की।
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