वाराणसी: आई लव मोहम्मद का जवाब आई लव महादेव, काशी के संतों ने दी प्रतिक्रिया

वाराणसी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बाद अब काशी में भी 'आई लव मोहम्मद' पोस्टरों और जुलूस ने विवाद को जन्म दे दिया है। बुधवार को मदनपुरा क्षेत्र में बिना अनुमति के बैनर और डीजे के साथ जुलूस निकाला गया, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों और करीब 50 अज्ञात व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया।
इस घटनाक्रम के जवाब में काशी के साधु-संतों ने 'आई लव महादेव' पोस्टरों के साथ विरोध दर्ज कराया। शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि ऐसे प्रयास देश में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश हैं और इसमें विदेशी ताकतों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को बदनाम करने की कोई कोशिश सफल नहीं होगी।
पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर बालकदेवाचार्य ने प्रशासन पर ढिलाई का आरोप लगाया और कहा कि जब आरोपी साफ दिख रहे थे तो मुकदमा अज्ञात में क्यों दर्ज किया गया। उन्होंने काशी की पहचान शिव की नगरी बताते हुए ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की मांग की।
इस बीच पुलिस ने मदरसों और घरों पर लगे 'आई लव मोहम्मद' पोस्टरों को हटवाया और दशाश्वमेध व सिगरा थाने में अलग-अलग केस दर्ज किए। वहीं, कोटवां में भी पोस्टर मिलने पर पुलिस बल ने मार्च निकालकर स्थिति पर नियंत्रण बनाया।
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