बिजनौर में कथित देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नांगल सोती थाना पुलिस ने इस मामले में दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि इस नेटवर्क के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जो विदेश में छिपे हुए हैं।
दो संदिग्धों की गिरफ्तारी
पुलिस ने साहबपुरा रतन (थाना किरतपुर) निवासी जुल्फिकार उर्फ राका और खाईखेड़ी (नजीबाबाद) निवासी आरिफ मलिक को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि जुल्फिकार पिछले करीब दो वर्षों से तमिलनाडु में रहकर नाई का काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान मेरठ के रहने वाले आकिब से हुई और दोनों के बीच संपर्क बढ़ा।
वहीं आरिफ के बारे में पुलिस का कहना है कि उसने आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों का एक समूह तैयार कर रखा था। जानकारी यह भी मिली है कि बीते साल फरवरी में आकिब ने आरिफ के घर के बाहर फायरिंग करवाई थी, लेकिन उस घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा नेटवर्क
जांच के दौरान पता चला कि आरिफ सोशल मीडिया के माध्यम से सऊदी अरब में बैठे आकिब के संपर्क में था। जैसे ही इस मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू हुई, आकिब ने व्हाट्सएप के जरिए आरिफ को सबूत मिटाने के लिए फोटो और वीडियो डिलीट करने को कहा।
पुलिस के मुताबिक आकिब सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा करता था, जिसका उद्देश्य लोगों को उकसाना और सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।
पहले हो चुकी हैं चार गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले चार अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका है। इनमें दक्षिण अफ्रीका से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया मैजुल शामिल है। इसके अलावा उवैद मलिक (टांडामाईदास, थाना नगीना देहात), जलाल हैदर और समीर को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
हथियारों के प्रदर्शन वाला वीडियो बना सुराग
पूरे मामले की शुरुआत नवंबर महीने में एक वायरल वीडियो से हुई थी। बताया जाता है कि मेरठ के सठला गांव निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो कॉल की थी, जिसमें मैजुल भी जुड़ा था। इस कॉल में आकिब कथित तौर पर एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाता नजर आया।
वीडियो सामने आने के बाद 23 नवंबर को नांगल सोती थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद एटीएस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जांच तेज की और इस पूरे नेटवर्क को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया।
दो मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े मेरठ के आकिब और बिजनौर के आजाद अभी गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है और उनकी तलाश जारी है।