सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 800 से अधिक अंक गिर गया, जबकि निफ्टी भी 22,800 के स्तर से नीचे फिसल गया

शुरुआती ट्रेडिंग में सेंसेक्स 824.44 अंक गिरकर 73,282.41 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 248.95 अंकों की गिरावट के साथ 22,719.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इस दौरान कुछ प्रमुख शेयरों में भी दबाव देखा गया। इटरनल और इंडिगो के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

मुद्रा बाजार की बात करें तो रुपये पर भी दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे कमजोर होकर 93.07 के स्तर पर पहुंच गया।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में सतर्क कारोबार देखने को मिला। क्षेत्रीय बाजारों में निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर दी गई समयसीमा के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 शुरुआती बढ़त खोते हुए लगभग 0.2 प्रतिशत गिरकर 53,310.30 पर आ गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 1.5 प्रतिशत बढ़कर 8,706.90 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग स्थिर रहा और मामूली गिरावट के साथ 5,445.80 के स्तर पर रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.4 प्रतिशत बढ़कर 3,896.98 पर पहुंच गया। हांगकांग में अवकाश के कारण बाजार बंद रहा।

वॉल स्ट्रीट में हल्की बढ़त

अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले सत्र में मामूली तेजी देखने को मिली। एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो पिछले छह हफ्तों में पहली बार सकारात्मक सप्ताह का संकेत दे रहा है। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 165 अंक या करीब 0.4 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

तेल की कीमतों में उछाल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल 2.37 डॉलर बढ़कर 114.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.40 डॉलर की बढ़त के साथ 111.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह स्तर युद्ध से पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले काफी अधिक है।