नई दिल्ली। एक बड़े वित्तीय मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। आरोप है कि इस मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को करीब 3,750 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एलआईसी की शिकायत के आधार पर की गई है। मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। यह अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ दर्ज चौथा मामला बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार, 2009 से 2012 के बीच एलआईसी को लगभग 4,500 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) में निवेश के लिए प्रेरित किया गया था। आरोप है कि इस दौरान कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेश से जुड़ी सुरक्षा को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी दी गई।
सीबीआई का कहना है कि इस निवेश के चलते एलआईसी को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद बीमा कंपनी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कंपनी और उसके प्रबंधन ने जुटाई गई राशि का सही उपयोग नहीं किया। आरोप है कि फंड्स को अलग-अलग सहयोगी कंपनियों के जरिए घुमाया गया, फर्जी बिलिंग का सहारा लिया गया और समूह के भीतर लेन-देन के माध्यम से धन निकाला गया। साथ ही, कागजों में संपत्तियों और देनदारियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की बात भी सामने आई है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला है कि गिरवी रखी गई संपत्तियों और लिए गए कर्ज के बीच तालमेल नहीं था, जिससे पूरे लेन-देन पर सवाल खड़े होते हैं। मामले की जांच जारी है।