अमेरिका में अवैध अप्रवास के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मिनेसोटा में संघीय अप्रवासन एजेंटों ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने मानवाधिकार संगठनों और शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया। कार्रवाई के दौरान एजेंटों ने महज पांच साल के एक बच्चे को उसके पिता के साथ हिरासत में ले लिया और दोनों को टेक्सास के एक डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।

जिस स्कूल में बच्चा पढ़ता है, वहां के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चे को एक तरह से ‘जरिया’ बनाकर अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की गई।

स्कूल की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक के अनुसार, मंगलवार दोपहर बच्चा अपने पिता के साथ कार से घर लौट रहा था, तभी संघीय एजेंटों ने दोनों को रोक लिया। इसके बाद अधिकारियों ने बच्चे को उसी के घर तक ले जाकर दरवाजा खटखटाने को कहा, ताकि अंदर मौजूद लोगों को बाहर बुलाया जा सके। स्टेनविक ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनहीन करार दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित परिवार अमेरिका में शरणार्थी दर्जे के लिए आवेदन कर चुका है और उनका मामला अभी अदालत में लंबित है। फिलहाल उनके खिलाफ देश छोड़ने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बच्चों को इस तरह की कार्रवाई में घसीटा गया हो। हाल के हफ्तों में मिनियापोलिस क्षेत्र में भी तीन नाबालिगों को डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन मामलों ने अप्रवासन नीति की सख्ती और उसके मानवीय पक्ष पर नई बहस छेड़ दी है।