रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक निवास को निशाना बनाने की कोशिश की थी। लावरोव के अनुसार, इस घटना के बाद मॉस्को शांति वार्ता से जुड़े अपने रुख पर पुनर्विचार करेगा। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में सामने आई है।
लावरोव ने बताया कि 28 दिसंबर की रात यूक्रेन की ओर से करीब 91 लंबी दूरी के ड्रोन दागे गए, जिनका उद्देश्य राष्ट्रपति के सरकारी आवास पर हमला करना था। उन्होंने दावा किया कि रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी ड्रोन को समय रहते मार गिराया, जिससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
रूसी विदेश मंत्री ने इस कार्रवाई को गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि ऐसे कदमों को अनदेखा नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” का उदाहरण है और बताया कि रूसी सशस्त्र बलों ने संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए अपने लक्ष्य पहले ही तय कर लिए हैं।
लावरोव ने यह भी कहा कि यह कथित हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब यूक्रेन के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। उन्होंने साफ किया कि रूस बातचीत के दरवाजे बंद नहीं कर रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वार्ता से जुड़े अपने दृष्टिकोण की समीक्षा जरूर करेगा।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मॉस्को इस तरह के दावे कर कीव में सरकारी ठिकानों पर हमलों के लिए माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस समय यह कथित ड्रोन हमला हुआ, उस दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उस आधिकारिक आवास में मौजूद थे या नहीं।