वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिका द्वारा गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वाशिंगटन अब यह समझ चुका है कि सत्तावादी शासकों से कैसे निपटना चाहिए।
एक प्रेस वार्ता के दौरान जब जेलेंस्की से मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि किसी तानाशाह को इस तरह कानून के दायरे में लाया जा सकता है, तो अमेरिका को यह भी पता है कि आगे क्या कदम उठाना चाहिए। उनके इस बयान को सीधे तौर पर रूस के नेतृत्व की ओर इशारा माना जा रहा है।
रूस ने अमेरिका से जताई नाराज़गी
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद रूस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि निकोलस मादुरो वेनेजुएला के संवैधानिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति हैं और अमेरिका को उन्हें तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को तत्काल रिहा करना चाहिए। रूस ने यह भी कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच मतभेदों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि जबरदस्ती के कदमों से।
न्यूयॉर्क में होगा कानूनी सामना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी को कराकास में चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत हिरासत में लिया गया और इसके बाद उन्हें अमेरिका लाया गया। दोनों पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि दंपती को अमेरिकी अदालत में पेश किया जाएगा।
अमेरिका ने मादुरो को हथकड़ी लगाए हुए ले जाते समय का वीडियो भी सार्वजनिक किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल उन्हें न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, जो पहले भी अपनी सख्त और विवादित जेल परिस्थितियों को लेकर चर्चा में रहा है।