दिल्ली। अपराध शाखा की टीम ने एनसीआर और आसपास के राज्यों में सक्रिय एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों—शमीम, राजीव शर्मा और मोहित गुप्ता—को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं।
पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि ये आरोपी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में अवैध मादक पदार्थ का उत्पादन, परिवहन और वितरण करने वाले संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे। अभियान की शुरुआत खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें एनसीआर में सक्रिय तस्करों पर नजर रखी जा रही थी।
टीम ने नंद नगरी बस डिपो के पास दो आरोपियों—शमीम (29) निवासी बदायूं और राजीव शर्मा (53) निवासी बुलंदशहर—को उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रेशन वाली कार में गिरफ्तार किया। इसके बाद मोहित गुप्ता (भटोला दरियापुर, बुलंदशहर) को भी पकड़ लिया गया।
तलाशी में पुलिस ने लगभग 3 लाख गोलियों के बराबर 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की। साथ ही 11 किलोग्राम अल्प्राजोलम छपा एल्युमीनियम फॉइल, 25 किलोग्राम पीवीसी शीट रोल, 20 मुहर जिन पर बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित थी, और तस्करों की कार भी जब्त की गई।
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत 29 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पूछताछ में राजीव शर्मा ने बताया कि वह मोहित गुप्ता के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश में शमीम और उसके साथी रणदीप से गोलियां इकट्ठा करता था और फिर उन्हें बुलंदशहर की फार्मेसियों में सप्लाई करता था। वहीं शमीम ने स्वीकार किया कि वह हिमाचल प्रदेश के परवानू में अवैध विनिर्माण यूनिट चलाते हैं, जहां गोलियों का निर्माण कर एनसीआर और उत्तर प्रदेश में वितरकों तक पहुंचाया जाता था।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया है।