ओडिशा में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राज्य परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राज्य सरकार प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नियमों को ठीक तरह से लागू नहीं कर पा रही है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मौके पर झड़प भी हुई।

ओडिशा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रंजीत पात्रा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता साइकिल रैली कर मंत्री के घर पहुंचे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हल्की झड़प हुई और कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।

सरकार पर नीति में उलटफेर का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने 1 जनवरी से 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू करने की घोषणा की थी। लेकिन पीयूसी सेंटरों पर हजारों गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई और लोगों को बड़ी परेशानी हुई। गाड़ियों की भीड़ और जनता के दबाव को देखते हुए सरकार ने डेडलाइन को 1 फरवरी और बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया। रंजीत पात्रा ने कहा कि मंत्री बार-बार नीति बदलकर जनता को असुविधा में डाल रहे हैं।

पॉलिसी वापस लेने की मांग

यूथ कांग्रेस ने तीन दिन के भीतर 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' पॉलिसी को वापस लेने की मांग की। पात्रा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस जनविरोधी नीति को नहीं हटाती है, तो पार्टी भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के घरों के सामने सैकड़ों वाहन खड़े करके विरोध जताएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

बीजू जनता दल और विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पीयूसी लागू करने का तरीका बेहद कुप्रबंधित और असंगत रहा है, जिससे आम लोगों को बड़ी परेशानी और असुविधा हुई।

भाजपा यूथ विंग का पक्ष

वहीं, भाजपा यूथ विंग के अध्यक्ष अविलाश पांडा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करना जरूरी है और सरकार ने लोगों को प्रमाणपत्र आसानी से दिलाने के लिए डेडलाइन 1 अप्रैल तक बढ़ाई है।