बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें जेल में रहते हुए भी विधायक पद की शपथ लेने की मंजूरी दे दी है। इस आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि क्या अनंत सिंह अपनी राजनीतिक पकड़ को फिर से मजबूत करने की तैयारी में हैं।

सजायाफ्ता होने के बावजूद राहत
अनंत सिंह पर दुलारचंद यादव हत्याकांड सहित कई गंभीर मामलों में आरोप लगे थे और उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है। इस कारण उनकी विधायक सदस्यता खतरे में थी। अदालत ने उनके शपथ ग्रहण के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंधों के तहत अनुमति दी है, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही अनंत सिंह विधान सभा में शपथ लेंगे।

राजनीतिक और कानूनी बहस शुरू
इस फैसले ने कानून और राजनीति के जानकारों के बीच नई बहस को जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में दोषसिद्धि के बावजूद अदालत संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की अनुमति दे सकती है। वहीं, विपक्षी पार्टियां इस फैसले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।