उत्तर प्रदेश की पुलिस की महिला टीम की पहली एनकाउंटर में शामिल रही दरोगा भुवनेश्वरी सिंह अब घूसखोरी के आरोप में चर्चा में हैं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन, मेरठ महिला थाने की टीम ने छिनैती के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर उठाकर गाड़ी तक पहुंचाने का जिम्मा भुवनेश्वरी सिंह के कंधों पर था। इस बहादुर अंदाज की फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थी, और पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने पूरे टीम को सम्मानित किया था।

लेकिन मंगलवार को उनकी ही सेवा पर सवाल उठे जब एंटी करप्शन टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। आरोप है कि साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी भुवनेश्वरी सिंह ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी पक्ष से नाम न दर्ज करने के लिए 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की और उनकी गिरफ्तारी की। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि महिला चौकी प्रभारी की नियुक्ति एसीपी महिला अपराध की अनुमति से होती है और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

भुवनेश्वरी सिंह पहली बार रिश्वत लेते पकड़ी गईं नहीं हैं। साल 2022 में कानपुर पुलिस ने उन्हें देह व्यापार के मामले में भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस समय एक होटल में छापा मारते हुए उन्होंने गिरोह के दो आरोपियों से 15 लाख रुपये की मांग की थी, जिन्हें उन्होंने बाद में 50 हजार रुपये देकर छोड़ने की बात मानी। यह मामला ज्वाइंट सीपी तक पहुंचा और विशेष टीम की जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

आज वही महिला दरोगा, जिनके कंधों पर कभी अपराधियों को उठाने की बहादुरी थी, अब रिश्वत के आरोपों में वर्दी धूमिल कर रही हैं।