आगरा: सपा कार्यालय में मचा बवाल, बैठक खत्म होते ही आपस में भिड़े नेता, चले लात-घूंसे

HIGHLIGHTS
- आगरा में सपा कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद दो नेताओं के बीच विवाद मारपीट में बदल गया।
- घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जबकि पार्टी पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
आगरा: समाजवादी पार्टी के आगरा स्थित कार्यालय में बुधवार को आयोजित ब्राह्मण समाज सम्मेलन के बाद पार्टी के दो नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मथुरा के सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र ठाकुर के बीच पहले पार्टी कार्यालय के अंदर और फिर बाहर सड़क पर कहासुनी के बाद मारपीट हुई। मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग कराया।
बैठक ताजनगरी फेज-2 स्थित सपा कार्यालय में आयोजित की गई थी। इसमें ब्राह्मण समाज के लोगों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में बलिया से सांसद सनातन पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के कई पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग
घटना के बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए हैं।
मथुरा के सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव का कहना है कि उनका राघवेंद्र ठाकुर से कोई व्यक्तिगत विवाद या मारपीट नहीं हुई। उनके अनुसार राघवेंद्र की कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं से कहासुनी हुई थी, जिसे उन्होंने और आगरा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने शांत कराया।
वहीं, राघवेंद्र ठाकुर का आरोप है कि उन्हें आगरा ग्रामीण विधानसभा प्रभारी होने के बावजूद बैठक की सूचना नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने बुधवार सुबह वीरेंद्र यादव से फोन पर बात भी की थी। उनका दावा है कि बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष अपने साथ कई लोगों के साथ पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। राघवेंद्र ने आरोप लगाया कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और उनके साथ आए लोगों ने लात-घूंसों से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। फिलहाल वह मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
राघवेंद्र ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट की घटना पहले से सुनियोजित थी। हालांकि, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
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