CM योगी के हनुमानगढ़ी बयान पर अखिलेश का पलटवार, बोले- मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश

HIGHLIGHTS
- हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने संबंधी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सवालों का समर्थन किया।
- अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
- सपा प्रमुख ने आरबीआई के नोट छपाई विज्ञापन को लेकर भी सवाल उठाए और मुद्रा के निजीकरण की आशंका जताई।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने संबंधी बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा उठाए गए सवालों का समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समर्थन किया है। सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि भाजपा की ‘चोरी-लूट-छल-कपट-झूठ-फरेब’ वाली राजनीति अब भगवान राम के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि जो लोग हनुमानगढ़ी को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं, उन्हें अपने कृत्य का प्रायश्चित करना चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि यह राम मंदिर से जुड़े मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां घुटनों के बल चढ़कर आस्था के इस तीर्थ से क्षमा मांगनी चाहिए।
अखिलेश ने भाजपा पर लगाए आरोप
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि संकीर्ण राजनीति करते हुए लोग यह भूल जाते हैं कि झूठ बोलकर वे अपने ‘धर्मपद’ का भी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर झूठ बोलना ही है तो ऐसा सामान्य व्यक्ति की तरह करना चाहिए।
अखिलेश यादव ने हनुमान जी का जिक्र करते हुए कहा कि जब हनुमानगढ़ी की शक्ति सामान्य पापों का भी नाश कर देती है, तो बड़े पाप करने वालों का क्या होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभु राम और हनुमान जी के प्रकोप से कोई अधर्मी नहीं बच सकता।
वहीं, अपने दूसरे पोस्ट में अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि वह उनके बयान का 100 प्रतिशत समर्थन करते हैं। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों पर अयोध्या को नुकसान पहुंचाने और झूठ फैलाकर बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इससे अयोध्या के संत-महंत समाज में नाराजगी है और अयोध्यावासी भी आहत हैं।
नोट छपाई के विज्ञापन पर भी उठाए सवाल
आरबीआई की ओर से नोटों की छपाई के लिए जारी किए गए विज्ञापन को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या भ्रष्ट भाजपा शासन में अब नोटों का भी निजीकरण किया जाएगा?
उन्होंने कहा कि कमीशनखोरी का मॉडल इस स्तर तक पहुंच जाएगा, ऐसा देश की जनता ने नहीं सोचा था। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि अगर देश की मुद्रा ही आत्मनिर्भर नहीं होगी तो अर्थव्यवस्था और देश आत्मनिर्भर कैसे बनेंगे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अब सरकार को भी आउटसोर्सिंग पर दिया जाएगा।
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