घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी, सम्मान के साथ मिलेगा विकास का अवसर: CM योगी

HIGHLIGHTS
- प्रदेश कैबिनेट ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को मंजूरी दी
- मुख्यमंत्री ने इसे न्याय, सम्मान और अवसर दिलाने का माध्यम बताया
- वनटांगिया, मुसहर समेत कई समुदायों को योजनाओं से जोड़ने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। डबल इंजन की सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने, शासन की हर जनकल्याणकारी योजना से जोड़ने और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड सिर्फ एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित विमुक्त एवं घुमंतू समाज को न्याय, सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।
प्रदेश कैबिनेट द्वारा घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के फैसले के बाद गुरुवार को समाज की ओर से आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' का जो मंत्र दिया था, उसी संकल्प का विस्तार आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि बिना जाति, क्षेत्र, भाषा या किसी भी प्रकार के भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की सोच के तहत घुमंतू विकास बोर्ड एक नई पहल है।
वंचित समुदायों को योजनाओं से जोड़ा गया: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया सहित कई वंचित समुदायों को पहली बार व्यापक स्तर पर सरकारी योजनाओं से जोड़ा है।
उन्होंने बताया कि इन समुदायों तक राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निशुल्क विद्युत और गैस कनेक्शन के साथ वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं कि जिन्हें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी नहीं पूछा, उन्हें सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम डबल इंजन सरकार ने किया है। सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि जनार्दन है और इसी भावना के साथ हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
वंचित वर्गों के जीवन में बदलाव के लिए काम कर रही सरकार
सीएम योगी ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय तथा श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा के साथ आवास और भोजन की निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, विद्यार्थियों, युवाओं और विमुक्त एवं घुमंतू समाज सहित सभी वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम कर रही है।
घुमंतू समाज को योजनाओं से जोड़ेगा बोर्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी इन समुदायों को क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता। ये वे वीर समुदाय हैं जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। डबल इंजन सरकार उन्हें वह सम्मान दिलाने का काम कर रही है, जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं।
उन्होंने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों की पहचान कर उन्हें शासन की सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय प्राचीन समय से शिवावतारी गुरु श्री गोरखनाथ जी की परंपरा का अनुयायी रहा है। विदेशी आक्रमणों के समय जब संचार के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे, तब यही समाज भजन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोगों को सचेत करता था और समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
उन्होंने कहा कि आज भी यह समाज घुमंतू जीवन व्यतीत कर रहा है और राज्य सरकार इनके सम्मानजनक पुनर्वास तथा समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
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