अखिलेश यादव ने भाजपा से पूछे बैंकिंग व्यवस्था पर 12 सवाल, खातों से कटौती पर उठाई आवाज

HIGHLIGHTS
- अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक से पोस्ट साझा की।
- उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था की मजबूती के दावों के बीच बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने पर सवाल उठाए।
- सपा प्रमुख ने केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को होने वाली परेशानी और खातों से पैसे कटने का मुद्दा उठाया।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक के तहत बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े 12 सवाल उठाए। अखिलेश ने बैंकों की मजबूती के दावों के बीच बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने, खातों से पैसे कटने, साइबर ठगी और कर्ज से संबंधित परेशानियों पर सवाल किए।
अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर बैंक मजबूत हुए हैं तो उन्हें बेचा क्यों जा रहा है और गरीब लोगों के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं? उन्होंने केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा, बैंकों से भारी कर्ज लेकर विदेश भागने वालों को वापस लाने और उन्हें सजा दिलाने में हो रही देरी पर भी सवाल किया।
ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं और एटीएम के बंद होने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के बंद होने से लोगों को नकदी हासिल करने के लिए भटकना पड़ता है। अखिलेश ने किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और गारंटर के कर्ज मिलने में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया।
साइबर ठगी और कर्ज की ब्याज दरों पर सवाल
अखिलेश यादव ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को रकम वापस मिलने में होने वाली देरी पर सवाल किया। उन्होंने इस दौरान लोगों को बैंकों और थानों के चक्कर लगाने की परेशानी का भी जिक्र किया।
उन्होंने होम लोन और शिक्षा ऋण की ब्याज दरों को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही, डिजिटल लेनदेन विफल होने पर ग्राहकों का पैसा कई दिनों तक अटके रहने और सिबिल स्कोर में छोटी सी चूक के कारण युवाओं को कर्ज लेने में आने वाली मुश्किलों पर भी ध्यान दिलाया।
बुजुर्गों की सहायता और बैंक कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा
सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को यूपीआई और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रत्येक बैंक शाखा में सहायता काउंटर क्यों नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने, नई भर्तियां नहीं होने और मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ने का मुद्दा भी उठाया।
अखिलेश यादव के इन 12 सवालों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, ग्राहकों की सुरक्षा, कर्ज हासिल करने में आने वाली परेशानियों और बैंक कर्मचारियों की स्थिति जैसे विषय शामिल रहे। अपनी पोस्ट के जरिए उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा और भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा।
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