छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे केजरीवाल, बोले- 70-80 हिरासत में लिए युवाओं को छुड़वाया

HIGHLIGHTS
- अरविंद केजरीवाल आरएमएल अस्पताल पहुंचे और नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान घायल छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि एक छात्रा अभी आईसीयू में भर्ती है।
- आप संयोजक ने मंदिर मार्ग और संसद मार्ग थाने पहुंचकर हिरासत में लिए गए छात्रों की जानकारी ली और दावा किया कि 70-80 युवाओं को छुड़वाया गया है।
- केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ प्रधानमंत्री पर भी सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे और हिरासत में लिए गए युवाओं को थानों से छुड़ाने का प्रयास किया। केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने अलग-अलग थानों में हिरासत में रखे गए 70 से 80 लोगों को छुड़वाया है। इसके बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे और धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की।
आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मिले केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल आप सांसद संजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के साथ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कई छात्र और पुलिसकर्मी अस्पताल लाए गए थे।
केजरीवाल ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से जानकारी मिली है कि एक छात्रा को छोड़कर बाकी सभी घायल छात्र और पुलिसकर्मी डिस्चार्ज हो चुके हैं। उन्होंने आईसीयू में भर्ती छात्रा के परिवार से मुलाकात कर उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
दो थानों में पहुंचे आप संयोजक
अस्पताल के बाद अरविंद केजरीवाल मंदिर मार्ग थाना और संसद मार्ग थाना पहुंचे। उन्होंने कहा कि मंदिर मार्ग थाने में सोमवार से करीब 11 छात्रों को हिरासत में रखा गया है। केजरीवाल ने पुलिस से छात्रों को हिरासत में रखने, रिहा करने या उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर जानकारी मांगी।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इस संबंध में दो घंटे में जानकारी देने की बात कही है।
70-80 छात्रों को छुड़ाने का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने सुबह से अलग-अलग थानों में हिरासत में रखे गए 70 से 80 लोगों को छुड़वाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और पत्थर बरसाए।
उन्होंने कहा कि अब केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने "मोदी हटाओ-देश बचाओ" का नारा भी लगाया।
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