NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन: छात्रों पर दर्ज FIR रद्द करने की केंद्र की मांग पर SC में कल सुनवाई

HIGHLIGHTS
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाया।
- केंद्र ने एफआईआर रद्द करने के लिए अंतरिम आवेदन दाखिल करने की बात कही।
- याचिका में संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की मांग की गई है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से की गई तत्काल सुनवाई की मांग पर विचार करेगी।
सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट के सामने रखा मामला
सोमवार को अदालत की कार्यवाही खत्म होने से पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष यह मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक अंतरिम आवेदन दाखिल कर छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग कर रही है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का सहारा लिया जा रहा है।
कोर्ट ने जताई सहमति
सॉलिसिटर जनरल की बात सुनने के बाद पीठ ने कहा कि अगर पक्षकार आपसी सहमति से मामले को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो अदालत को इसमें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
पहले भी एफआईआर वापस लेने की दी थी छूट
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अपने पहले के आदेश में यह स्पष्ट कर चुका है कि राज्य सरकारें नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
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