रामलीला मैदान में अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गई यह रैली

HIGHLIGHTS
- अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया।
- बंगाल चुनाव में एसआईआर के जरिए लाखों वोट काटे जाने का आरोप लगाया।
- पीलीभीत और रामपुर में कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने वोटों की कथित कटौती, चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावों में गड़बड़ी के मुद्दे उठाए। अखिलेश ने कहा कि रामलीला मैदान में जुटी भीड़ लोकतंत्र की लड़ाई में एकजुटता का संदेश दे रही है।
अखिलेश यादव ने कहा, "जबसे यह तय हुआ है कि रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन एकजुट होकर उन तमाम लोगों के खिलाफ आवाज उठाएगा, जिन्होंने लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है, तबसे यह सामने आ रहा है कि जनता भी हमारे साथ जुड़ना चाहती है।"
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। 403 विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से इसका गणित देखें तो हर विधानसभा में वोट कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगद का पैर जमाने का दावा करते थे, उन्हें पता है कि जब जमीन ही नहीं बची तो पैर कहां रखेंगे। अखिलेश ने काशी की जनता का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार को वहां से जवाब मिल चुका है और वह एक हार से संतुष्ट नहीं थी।
काउंटिंग और चुनावी गड़बड़ी को लेकर भाजपा पर निशाना
सपा प्रमुख ने कहा कि दो रात और तीन दिन तक मतगणना चली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब भी चंडीगढ़ जैसी चाल चलना चाहती थी, लेकिन सफल नहीं हो सकी। उनके मुताबिक, डबल इंजन सरकार को डबल हार और डबल जीरो मिला है।
अखिलेश ने काशी और क्योटो का जिक्र करते हुए भाजपा पर लगातार साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पता है कि वह जनता के बीच जीत नहीं सकती, इसलिए चुनाव आयोग का रास्ता अपना रही है।
उन्होंने बंगाल चुनाव का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव लूटा गया। अखिलेश ने कहा कि चुनाव से पहले एसआईआर कराकर लाखों वोट कटवाए गए और चुनाव के दौरान भारी संख्या में फोर्स लगाई गई। उनके मुताबिक, बंगाल चुनाव की तस्वीरें लोग नहीं भूल सकते।
2022 के चुनाव में भी वोट काटने का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव याद है, जब समाजवादी पार्टी सरकार नहीं बना पाई थी। उन्होंने इसकी वजह वोट चोरी को बताया। उनके आरोप के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के हजारों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें नोटिस देकर पूछा गया था कि किस आधार पर वोट काटे जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने हर बूथ पर हटाए गए वोटों की जानकारी जुटाई और शपथ पत्र के साथ चुनाव आयोग को जानकारी दी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पता नहीं आयोग कौन सी नींद की गोली लेकर सो रहा है।
पीलीभीत और रामपुर का भी किया जिक्र
सपा प्रमुख ने कहा कि जनता के भाजपा के खिलाफ जागरूक होने के बाद अब कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पीलीभीत में कथित हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है।
अखिलेश ने रामपुर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां फोर्स लगाकर लोगों को वोट डालने से रोका गया और उनके घरों में जाकर धमकाया गया। उन्होंने कहा कि एक बड़ी साजिश चल रही है, जिसमें केवल भाजपा समर्थकों को ही वोट डालने देने और उन्हीं को भारत का नागरिक मानने की कोशिश हो रही है।
'रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया'
अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को लोकतंत्र की लड़ाई से जोड़ते हुए कहा कि यह मैदान अब लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है। उन्होंने कहा कि इस जगह पर पहले भी कई बार इतिहास लिखा गया है और एक बार फिर बदलाव आएगा।
उन्होंने इंकलाब के नारों का जिक्र करते हुए परिवर्तन आने की बात कही। साथ ही कहा, "जो यूपी से बाहर आए थे, वह यूपी से जाएंगे। यूपी वाले स्वागत बेहतरीन करते हैं और विदाई उससे भी बढ़िया करते हैं।"
चढ़ावा और चंदा चोरी का भी लगाया आरोप
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने धार्मिक चढ़ावे और चंदे की कथित चोरी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि रामलीला में देखा जाता है कि पाप करने वालों का अंत होता है। उनके मुताबिक, जिन्होंने धन, चंदा और चढ़ावा चुराया है, उनका भी नाश होगा।
अखिलेश ने फिर उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग अपनी संभावित हार की जिम्मेदारी दिल्ली के नेताओं पर डालना चाहते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस मामले की अहम कड़ी बताया और एक बड़ी कंपनी के भी साथ होने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने अपने संबोधन में 'मुंहनुचवा' और 'वोटनुचवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इस बार वोटनुचवा और जुमलु बचने वाले नहीं हैं और इनका अंत होने वाला है।
अंत में उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में अलग-अलग दलों के लोगों का समर्थन जुटा है और भाजपा सरकार जल्द हट जाएगी। अखिलेश ने उम्मीद जताई कि आगामी मतदान में भाजपा का हमेशा के लिए सफाया करने का काम किया जाएगा।
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