हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, बसों के लिए भटकते रहे यात्री

HIGHLIGHTS
- प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रही।
- हिसार बस अड्डे से रोजाना 30 से 35 हजार यात्री सफर करते हैं।
- सरकारी सेवाएं बंद होने से यात्रियों को दूसरे डिपो की बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हिसार। हिसार डिपो में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच अब तक तीन बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी भी दौर में सहमति नहीं बन सकी। सरकारी बसों का संचालन ठप होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बस अड्डे पर महिलाएं, बुजुर्ग और विद्यार्थी बसों के इंतजार में परेशान होते रहे। सरकारी बसें नहीं चलने से निजी और सहकारी परिवहन समितियों की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। हिसार और हांसी डिपो से करीब 270 बसों का संचालन होता है। वहीं, हिसार बस अड्डे से प्रतिदिन 30 से 35 हजार यात्री सफर करते हैं। सरकारी बसों की सेवाएं बंद होने के कारण अब इन यात्रियों को दूसरे डिपो और निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
निजी और सहकारी बसों की सुरक्षा के लिए एसोसिएशन ने लिखा पत्र
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सहकारी परिवहन समिति एसोसिएशन ने निजी और सहकारी बसों का संचालन बिना रुकावट जारी रखने के लिए सुरक्षा की मांग की है।
हरियाणा सहकारी परिवहन समिति एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धन सिंह ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, डीजीपी और परिवहन आयुक्त को पत्र भेजकर बस अड्डों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की अपील की है। एसोसिएशन ने पांच और छह नवंबर को हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा की ओर से प्रस्तावित आंदोलन के दौरान बसों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।
हाई कोर्ट के 2017 के आदेश का दिया हवाला
डॉ. धन सिंह ने अपने पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 19 जुलाई 2017 के आदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सहकारी और अन्य परमिटधारक बसों को चलने से नहीं रोका जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के समय कुछ लोग जबरन बस अड्डे बंद करवाते हैं और निजी व सहकारी परिवहन की बसों का संचालन बाधित करते हैं। इससे आम यात्रियों को परेशानी होती है और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।
बसों का रास्ता रोकने और धमकाने वालों पर कार्रवाई की मांग
सहकारी परिवहन समिति एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि उसे रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों से कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, संगठन का कहना है कि हड़ताल के नाम पर आम लोगों को परेशान करना और दूसरी बस सेवाओं को रोकना सही नहीं है।
एसोसिएशन ने प्रशासन से बस अड्डों पर पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की है। इसके अलावा बसों का संचालन रोकने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की गई है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन की ओर से बसों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वह हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेगा।
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