जम्मू में 3 घंटे में 185.6 मिमी बारिश, बाढ़ से भारी नुकसान; उपमुख्यमंत्री ने दिया राहत का भरोसा

HIGHLIGHTS
- अक्टूबर की बारिश का 71 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
- बाढ़ और बारिश के कारण दो लोगों की मौत हुई, जबकि रुखसाना कौसर लापता हैं।
- सरकार ने नुकसान की रिपोर्ट मांगी है और प्रभावित इलाकों में मरम्मत व बहाली का भरोसा दिया है।
जम्मू। जम्मू शहर में रविवार को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश और बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया, जबकि सड़कें, नालियां, गलियां, पुलिया और निजी वाहन भी प्रभावित हुए हैं। सोमवार को उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रभावित लोगों को जल्द राहत देने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत कराने का भरोसा दिया।
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चौधरी ने बताया कि संबंधित विभागों और जम्मू नगर निगम से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार का प्रयास है कि प्रभावित इलाकों में मरम्मत और बहाली का काम जल्द शुरू किया जाए, ताकि लोगों को परेशानियों से राहत मिल सके।
तीन घंटे में 185.6 मिमी बारिश, 71 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
जम्मू में रविवार सुबह 8:30 बजे से महज तीन घंटे के भीतर 185.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही अक्टूबर में बारिश का 71 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इससे पहले वर्ष 1955 में अक्टूबर के दौरान 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में नुकसान हुआ। इस आपदा में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी व्यापक क्षति पहुंची।
दोमाना में लापता महिला की तलाश जारी
उपमुख्यमंत्री ने दोमाना के रायपुर इलाके में बाढ़ के पानी में बह गई 27 वर्षीय रुखसाना कौसर को लेकर भी चिंता जताई। अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह उनके पति मोहम्मद कलीम अपनी कार को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी वह बाढ़ के पानी में फंस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में रुखसाना तेज बहाव में बह गईं।
पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें और स्थानीय स्वयंसेवक लगातार दूसरे दिन महिला की तलाश में जुटे रहे। चौधरी ने उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद जताई।
प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा देने का भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नुकसान का आकलन कर रही है और प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत व मुआवजा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों, नालियों, गलियों और पुलियों की मरम्मत का काम तेज करने की बात कही।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है। लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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