बरेली में ट्रेन की चपेट में आने से ट्रक चालक और क्लीनर की मौत

HIGHLIGHTS
- बरेली के आमडांडा चेक पोस्ट पर विवाद के बाद ट्रेन की चपेट में आने से ट्रक चालक और क्लीनर की मौत।
- परिजनों ने पुलिस पर वसूली और सीसीटीवी फुटेज छिपाने का आरोप लगाया, हाईवे जाम कर प्रदर्शन।
- परिवार ने न्याय मिलने तक शव दफनाने से इनकार किया, कार्रवाई की मांग पर अड़ा।
बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में नैनीताल हाईवे स्थित उत्तराखंड सीमा की अंतराज्यीय चेक पोस्ट आमडांडा पर रविवार शाम ट्रक चालक और क्लीनर के साथ हुई घटना के बाद बड़ा हंगामा हो गया। ट्रक चालक और क्लीनर चेक पोस्ट पर रसीद कटवाने पहुंचे थे, जहां वसूली को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। आरोप है कि चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने चालकों को दौड़ा दिया। इस दौरान पास से गुजर रही रेलवे लाइन पार करते समय एक ट्रक चालक और उसके क्लीनर की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद लोगों ने चेक पोस्ट पर हंगामा किया और हाईवे जाम कर दिया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर रुपये लेकर ट्रकों को पास कराने का आरोप लगाया है।
मृतक ट्रक चालक वासिफ देवरनियां के गांव मुडिया का रहने वाला था, जबकि क्लीनर इरफान इज्जतनगर थाना क्षेत्र के कंजादासपुर का निवासी था। दोनों रविवार शाम करीब पांच बजे ट्रक लेकर उत्तराखंड सीमा की अंतराज्यीय चेक पोस्ट आमडांडा पहुंचे थे। घटना के प्रत्यक्षदर्शी ट्रक चालक भोला ने बताया कि चेक पोस्ट पर रुपये लेकर वाहनों को निकाला जाता है। उसके अनुसार वासिफ ने उसे साथ चलने के लिए कहा था और बताया था कि रुपये देकर गाड़ी निकल जाएगी। उस समय चेक पोस्ट पर कई अन्य चालक भी मौजूद थे।
रेलवे लाइन पार करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, इसी दौरान किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों और ट्रक चालकों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि एक दरोगा ने चालकों को दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए भागते समय वासिफ और उसका क्लीनर इरफान रेलवे लाइन पार करने लगे, तभी लालकुआं से बरेली की ओर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद रात करीब आठ बजे तक चेक पोस्ट पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
मृतक चालक वासिफ के भाई आसिफ ने हाईवे पर विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि चेक पोस्ट पर टैक्स चोरी कर रुपये लेकर वाहनों को पास किया जाता है। उन्होंने कहा कि चेक पोस्ट के सीसीटीवी कैमरों की पूरी फुटेज उन्हें नहीं दिखाई गई। सूचना मिलने पर सीओ अरुण कुमार आसपास के थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे चालकों, ट्रांसपोर्टरों और परिजनों को समझाकर शांत कराया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तीन थानों की फोर्स पहुंची, कर्मियों के भागने का आरोप
घटना के बाद स्थिति बिगड़ने पर बहेड़ी के अलावा देवरनियां, शेरगढ़ और शीशगढ़ थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। आरोप है कि घटना के बाद चेक पोस्ट पर तैनात लेखपाल और पुलिसकर्मी वहां से चले गए। सीओ ने परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई, जिसमें दोनों मृतक और उनके साथ एक अन्य चालक चेक पोस्ट की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि परिजनों का आरोप है कि इसके बाद की फुटेज हटा दी गई है। वहीं तहसीलदार भानु प्रताप सिंह और सीओ अरुण कुमार सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों के आश्रितों को सरकार की ओर से मिलने वाली हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
न्याय मिलने तक शव दफनाने से किया इनकार
मृतक वासिफ के छोटे भाई आसिफ ने कहा कि पुलिस आर्थिक सहायता देने की बात कर रही है, लेकिन परिवार को आर्थिक मदद नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी और लेखपाल घटना के तुरंत बाद वहां से चले गए और उन्हीं की वजह से उनके भाई की जान गई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और न्याय नहीं मिलता, तब तक शव को दफन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोगों के साथ मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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