बंगाल में दुर्गापूजा संचालन को लेकर TMC-BJP समर्थक भिड़े, जमकर पथराव; रैफ तैनात

HIGHLIGHTS
- राजापुर जगदापोता इलाके में पुरानी बारोवारी पूजा को लेकर विवाद हुआ।
- दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव चलने की बात सामने आई।
- खूंटी पूजा के बाद प्रतिमा निर्माण का काम शुरू किया गया था।
कोलकाता। हावड़ा के डोमजुड़ इलाके में दुर्गापूजा के संचालन को लेकर गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। राजापुर जगदापोता इलाके की पुरानी बारोवारी दुर्गापूजा की संचालन समिति में किस पक्ष का प्रभाव रहेगा, इस मुद्दे पर दोनों गुटों में मारपीट और ईंट-पत्थर चलने की घटना हुई। इसमें कई लोगों के घायल होने की जानकारी है।
दोनों पक्षों ने लगाए अलग-अलग आरोप
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) को भी तैनात करना पड़ा। स्थानीय तृणमूल समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से उन्हीं लोगों द्वारा दुर्गापूजा का आयोजन किया जाता रहा है और इस बार भी संचालन समिति में उनका ही रहना तय है।
वहीं भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस वर्ष पूजा का संचालन उनके हाथ में होना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
भाजपा कार्यकर्ता विक्रम आदक के मुताबिक, इलाके के एक मंदिर में खूंटी पूजा के बाद प्रतिमा निर्माण का कार्य शुरू किया गया था और भाजपा कार्यकर्ता इसकी देखरेख कर रहे थे। आरोप है कि अचानक तृणमूल समर्थकों ने मंदिर में ताला लगा दिया। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा का आरोप है कि पहले विरोधियों को पूजा से दूर रखा जाता था, जबकि इस बार भाजपा गांव के सभी लोगों को साथ लेकर आयोजन करना चाहती है।
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बारोवारी पूजा के आयोजक वही लोग हैं। स्थानीय तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा पूजा पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
पथराव के बाद रैफ की तैनाती
विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई और एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर फेंकने के आरोप भी लगे। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए रैफ को भी तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में दोबारा तनाव की स्थिति न बने, इसके लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि, दुर्गापूजा के संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद का स्थायी समाधान हुआ है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
दुर्गापूजा संचालन को लेकर राज्यभर में सामने आ रहे विवाद
गौरतलब है कि इस वर्ष बंगाल के अलग-अलग इलाकों में बारोवारी दुर्गापूजा के आयोजन और उसके संचालन को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आ रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पहले कह चुके हैं कि पूजा करना भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का काम नहीं है। इसके बावजूद कई जगहों पर पूजा समितियों को लेकर राजनीतिक टकराव की घटनाएं सामने आई हैं।
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