वाराणसी में मतगणना स्थल के बाहर भाजपा का हंगामा, पर्यवेक्षक को हटाने की मांग

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग पार कर रहे कार्यकर्ताओं को रोका।
- भाजपा नेता जेपी सिंह ने मतगणना शुरू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- सपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से प्रदर्शन को मतगणना प्रभावित करने वाला कदम बताया गया।
वाराणसी। पहाड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल के बाहर आवास विकास कॉलोनी में जुटे भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंदर एजेंट के तौर पर तैनात सपा कार्यकर्ताओं पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। भाजपा समर्थकों के हंगामे के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस देर शाम तक प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने और समझाने का प्रयास करती रही। मौके पर रुक-रुककर नारेबाजी होती रही। शाम ढलने के साथ ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
शाम साढ़े पांच बजे के बाद पर्यवेक्षक प्रांजल यादव को हटाने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग गिराकर मतगणना स्थल के 100 मीटर के दायरे में पहुंच गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद वहां तनाव की स्थिति बनी रही।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर पूरे मामले में मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मतगणना स्थल के अंदर जाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद सपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से इसे मतगणना को प्रभावित करने वाला कदम बताया गया।
प्रदर्शन के दौरान आवास विकास कॉलोनी के पास मतगणना स्थल के बाहर पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग को धक्का देकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंदर जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। शाम पांच बजे के बाद स्थिति अधिक तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाना पड़ा।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। भाजपा नेताओं का आरोप था कि मतगणना स्थल के अंदर ड्यूटी पर तैनात सपा कार्यकर्ता उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता कर रहे हैं, जबकि वहां मौजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
भाजपा नेता जेपी सिंह ने आरोप लगाया कि मतगणना शुरू होने के समय उनकी पार्टी के एजेंट वहां मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद चुनाव अधिकारी ने नियमों को दरकिनार कर मतगणना शुरू करा दी। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए चुनाव अधिकारी प्रांजल यादव को हटाने और दोबारा मतगणना कराने की मांग की।
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