राजनाथ सिंह ने अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ से की मुलाकात, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

HIGHLIGHTS
- सेबू में 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई।
- भारत और अमेरिका ने 10 वर्षीय रक्षा ढांचे की प्रगति की समीक्षा की।
- सैन्य तकनीक, सूचना साझा करने और संयुक्त उत्पादन पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) से इतर अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा हुई।
अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे के एक साल पूरे होने पर चर्चा की और सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार किया।
मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट के जरिए बैठक की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक के इतर अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ शानदार मुलाकात हुई। हमने अपने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढांचे की प्रगति की समीक्षा की। यह ढांचा सैन्य प्रौद्योगिकी, सूचना साझा करने और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल को आगे बढ़ा रहा है। हमारी मजबूत साझेदारी स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है।"
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को एक साल पूरे
राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को एक साल पूरा हो गया है। दोनों देशों ने वर्ष 2025 में इस ढांचे पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों के दौरान रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ढांचा भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए साझा दृष्टिकोण और नीतिगत दिशा प्रदान करता है।
हेगसेथ ने अन्य देशों के रक्षा नेताओं से भी की मुलाकात
अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान के रक्षा नेतृत्व के साथ भी बैठकें कीं।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग के साथ मुलाकात में उन्होंने दोनों देशों के गठबंधन और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री मार्ल्स के साथ बैठक में उन्होंने आपसी गठबंधन को और मजबूत बनाने तथा बेहतर परिणाम हासिल करने की बात कही।
वहीं, जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ चर्चा के दौरान साझा रणनीतिक लक्ष्यों, रक्षा निवेश, प्रशिक्षण और हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आसियान बैठक में भारत की भागीदारी
राजनाथ सिंह मंगलवार रात फिलीपींस के सेबू पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग के अवर सचिव और सेवानिवृत्त मेजर जनरल फैबियन एम. पेड्रोसा ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन और रक्षा अताशे कैप्टन चंद्रकांत कोठारी भी मौजूद थे।
सेबू पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के सदस्यों और फिलीपींस के नागरिकों से भी मुलाकात की। गुरुवार को वह एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साझा चुनौतियों पर देश का पक्ष रखेंगे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर जोर
सेबू रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा सामूहिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।
बैठक से इतर राजनाथ सिंह फिलीपींस, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, वियतनाम और दक्षिण कोरिया सहित कई देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
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